#Rushivarji #GyanvapiTruthNow #quote प्रेम की पराकाष्ठा भक्ति का उत्कृष्ट स्वरूप है जिसमें प्रेमी अपने प्रियतम के सतत चिन्तन में रहता है ।पास में है तो मिलन का आनन्द ,दूर है तो विरहानंद-परम पूज्य रृषिवरजी 🌸🌹
2
2
0
14
JAI SHREE RADHE 🙏🏻JAI SRIKRUSHNA 🙏🏻.JAI GURUDEV JI 🙏🏻
1
0
0
3
Replying to @sushmakatare1
Namaste my respected Spiritual Sister.AAPKO SUBH DWAPRAHAR NAMAN BANDAN AUR PRANAM 🙏🏻😊
1
0
0
1