#Rushivarji #GyanvapiTruthNow #quote प्रेम की पराकाष्ठा भक्ति का उत्कृष्ट स्वरूप है जिसमें प्रेमी अपने प्रियतम के सतत चिन्तन में रहता है ।पास में है तो मिलन का आनन्द ,दूर है तो विरहानंद-परम पूज्य रृषिवरजी 🌸🌹

3:16 AM · May 18, 2022

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श्रीमन्नारायण नारायण हरी हरि🙏🌹
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Replying to @sushmakatare1
JAI SHREE RADHE 🙏🏻JAI SRIKRUSHNA 🙏🏻.JAI GURUDEV JI 🙏🏻
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